- Acharya Vinod Kumar Says Current Student Unrest Reflects His Earlier Astrological Forecast, Sees Peaceful Days Ahead
- Amiee Misobbah Voices Her Support for Students Fighting for a Better Education System
- एसुस ने इंदौर में एक्सक्लूसिव स्टोर लॉन्च कर भारत भर में अपनी रिटेल स्ट्रेटेजी को मजबूत किया
- आयुर्वेदिक कफ सिरप: खांसी से राहत का एक प्राकृतिक उपाय
- Inspired by Their Own Love Story: Samiksha Oswal Opens Up About the Real-Life Story Behind Max, Min & Meowzaki
सकारात्मक चिंतन और गुणग्राही दृष्टि रखने से रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि
इंदौर। हमारे आस पास रहने वाले, हमारे संपर्क में आने वाली आत्माओं में गुण व विशेषता देखने से हमारी आंतरिक शक्ति बढ़ती है। उस आत्मा को भी हमारे श्रेष्ठ वायब्रेशन पहुँचते हैं, इसके विपरीत अवगुण व कमी कमजोरी को मन में रखते हैं, दुसरों के सामने मुख से वर्णन करते हैं, व्यवहार में लाते हैं तो हमारी स्वयं की भी आंतरिक शक्ति घटती है जिसके बारे में गलत सोचते उनकी शक्ति कम होती है। वर्तमान समय चारो ओर नकारात्मक बातें, भय की, चिंता की बातें ज्यादा है। न्युज पेपर, टीवी, इंटरनेट, सोशल मीडिया, मोबाईल के द्वारा भी नकारात्मक खबरे मिलती है इससे मनुष्य का सोच और ही नकारात्मक बनता जा रहा है। हमारे सोच का शरीर की बीमारी पर सीधा असर होता हैं।
उक्त विचार सुप्रसिद्ध जीवन प्रबंधन विशेषज्ञा ब्रह्माकुमारी शिवानी दीदी ने ज्ञानशिखर ओमशान्ति भवन द्वारा विशेष चिकित्सकों के लिये आयोजित वेबिनार “ भावनात्मक प्रतिरक्षा निर्माण“ विषय पर रखी। आगे आपने कहा कि एक दूसरे की कमी देखने की बीमारी कोविड़ की बीमारी से भी ज्यादा खतरनाक है। अतः वर्तमान परिस्थिति में हमें बाहरी वातावरण से स्वयं को बचाना है अपनी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना हे तो एक संकल्प करना होगा कि, कभी भी किसी की कमजोरी को नहीं देखना है, सदा गुण व विशेषता को ही देखना है, उसका ही वर्णन करना है, अवगुणों को देखने से क्रोध आता है, गुणों को दखने से उसके प्रति दुआयें निकलती है। हरेक व्यक्ति की मनोवृत्ति को बदलकर समाज को बदलने में डाक्टर्स बहुत बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
इस अवसर पर न्यू दिल्ली के वरिष्ठ हृद्यरोग विशेषज्ञ एवं प्रेरक वक्ता डाॅ. मोहित गुप्ता ने कहा कि आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में मानव जीवन की सुख शांति और सच्ची खुशी ही गंवा दी है। भौतिक साधन सुविधाओं की प्रतिस्पर्धा में आने से अमूल्य स्वास्थ्य को भी गंवा देता है परिणाम स्वरुप जीवन में रोग, शोक, तनाव बढ़ता जा रहा है। अतः मन को सुदृढ़ कर जीवन में स्थायी परिवर्तन कर सभी चुनौतियों का सामना करने के लिये, मन की सुशुप्त शक्तियों को पहचान कर उसे बढ़ाने की विधि बताई।
कार्यक्रम के शुभारंभ में इंदौर जोन की क्षेत्रीय निर्देशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने सभी डाक्टरों का स्वागत करते हुए कोरोना काल में डाक्टर्स व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा की गई सेवाओं की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया।
मेडिकल विंग के कार्यकारी सचिव डाॅ. बनारसी लाल शाह माउण्ट आबू ने अपनी मानसिक शक्ति को बढ़ाने के लिये राजयोग मेडिटेशन सीखने के लिये प्रेरित करते हुए माउण्ट आबू में 2-3 अक्टूबर को होने वाले डाक्टर्स कान्फ्रेंस की जानकारी दी।
कार्यक्रम में इंदौर जोन मुख्य क्षेत्रीय समन्वयक ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी, आई.एम. ए इंदौर शाखा के अध्यक्ष डाॅ. सतीष जोशी, आई. एम. ए. के सचिव डाॅ. साधना सोड़ानी ने अपनी शुभ कामनायें दी|
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन कर किया गया। वेबिनार कार्यक्रम का संचालन मेडिकल विंग की जोनल कोआर्डिनेटर ब्रह्माकुमारी उषा बहन ने किया।


